Outbound Call Meaning in Hindi | इनबाउंड कॉलिंग का अर्थ हिंदी में
हममें से अधिकांश लोगों ने कभी न कभी अपने मोबाइल फ़ोन पर अजीब अनजान नंबरों से कॉल आते हुए सुना होगा।
ये कॉल आमतौर पर किसी बीमा कंपनी, क्रेडिट कार्ड कंपनी, या फिर टेली-मार्केटिंग कंपनी की तरफ़ से होते हैं जो आपको अपनी सर्विसेज़ सेल करने की कोशिश कर रही होती है। ये सभी Outbound Sales Calls के उदाहरण हैं।
आउटबाउंड कॉलिंग (Outbound Calling) एक ऐसी Sales Strategy है जिसमें कंपनियां खुद ही customers और leads को कॉल करके अपने Products और Services का promotion करती हैं, नए ऑर्डर लेती हैं, या फिर Survey कंडक्ट करती हैं। यह Inbound customer support calling का एकस्ट विपरीत है।
इस Guide में हम Outbound Calling के बारे में Hindi में विस्तार से जानेंगे, इसके प्रकारों, इसकी कार्यप्रणाली, Outbound और Inbound calling में difference, और Outbound calling में क्या नहीं करना चाहिए।
Importance of Outbound Calling in Hindi | आउटबाउंड कॉलिंग का महत्व
आज के युग में जहां हर कंपनी एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रही है, वहां ग्राहकों तक अपनी आवाज़ पहुंचाना और उनसे सीधा संवाद स्थापित करना बेहद ज़रूरी हो गया है।
ठीक इसी काम को Outbound Calling करती है। यह companies को अपने लीड्स and Potential Customers से संपर्क साधने देती है। यह नए ग्राहक जोड़ती है और रेवेन्यू बढ़ाती है। इसलिए आज की हर कंपनी के लिए Outbound Telemarketing बेहद महत्वपूर्ण है।
निम्नलिखित कुछ कारण हैं जो Outbound Calling के importance को रेखांकित करते हैं:
1. नए ग्राहक जोड़ना
Outbound Calling strategy से कंपनियां नए customer और lead generate कर सकती हैं। Outbound calls नए संभावित ग्राहकों को अपने ब्रांड और प्रोडक्ट्स के बारे में जानकारी देने का अच्छा तरीका है। इससे बिना पूर्व जानकारी के भी नए स्तर पर ग्राहकों को जोड़ा जा सकता है जो लंबे समय तक कंपनी के साथ बने रहेंगे।
Important Tip: नए ग्राहक जोड़ने का एक अच्छा तरीका है उन इलाकों पर फोकस करना जहां आपकी कंपनी की पहुंच अभी कम है। इससे नए बाजार में प्रवेश करने में मदद मिलेगी।
2. क्रॉस-सेल और Upsell से Revenue बढ़ाना
फोन पर विशेष तरीके से संवाद स्थापित करने से कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों को भी अपने नए उत्पादों और सेवाओं के बारे में बता सकती है। यह Outbound calling strategy क्रॉस-सेलिंग और अप-सेलिंग कहलाती है जिससे मौजूदा ग्राहकों से और ज्यादा कमाई की जा सकती है।
Important Tip: फोन कॉल के दौरान ग्राहकों की जरूरतों और पसंद का सही आकलन करके, उनके लिए सबसे उपयुक्त नए प्रोडक्ट या सर्विस ऑफर करना चाहिए।
3.Branding और पब्लिसिटी
सीधे फोन पर बात करने से कंपनी अपने ब्रांड के बारे में जानकारी दे सकती है, और इस तरह ब्रांड की पहचान और इसके संदेश को जनता तक पहुंचाया जा सकता है। यह outbound call strategy बातचीत ब्रांड को मजबूत करने और उसकी छवि बनाने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करती है।
Important Tip:ब्रांड इमेज को मजबूत करने के लिए फोन पर ग्राहकों की चिंताओं पर ध्यान दें और ईमानदार जवाब दें।
Types Of Outbound Calls In Hindi | आउटबाउंड कॉल्स के प्रकार
Outbound calling strategy एक रंगीन रेंगनी की तरह है, जिसमें हर रंग का अपना महत्त्व है! इसमें बिक्री संबंधी कॉलिंग से लेकर सर्वे और क्रॉस-सेलिंग तक कई प्रकार की कॉलिंग शामिल होती है। प्रत्येक प्रकार अपने ढंग से कंपनी की मदद करता है। कंपनियों को outbound calling के सभी प्रकारों को समझना ज़रूरी है। अन्यथा उनका calling strategy अधूरा रह जाएगा!
आइए हम इनमें से कुछ प्रमुख प्रकारों पर एक नज़र डालें
1.बिक्री संबंधी कॉल (Outbound Sales Calls)
जब कंपनी किसी नए ऑफर या प्रोडक्ट को बेचने के लिए ग्राहक को कॉल करती है तो उसे सेल्स कॉल कहते हैं। यह रेवेन्यू जनरेट करने का सबसे आम तरीका है।
2.सर्वे संबंधी कॉल (Outbound Survey Calls)
कई बार कंपनियां किसी नए प्रोडक्ट या सर्विस के लिए फीडबैक लेने के लिए सर्वे कॉल करती हैं। यह outbound call type मार्केट रिसर्च करने का एक तरीका है।
3.क्रॉस-सेलिंग कॉल (Outbound Cross-Selling Calls)
पहले से मौजूद ग्राहकों को अपने अन्य प्रोडक्ट्स और सर्विसेज़ के बारे में जानकारी देने के लिए क्रॉस-सेलिंग कॉल किया जाता है। यह बिक्री बढ़ाने का एक अच्छा तरीका है।
How Outbound Calling Strategy Works in Hindi | आउटबाउंड कॉलिंग कैसे काम करती है
- जब एजेंट ग्राहक को कॉल करता है तो वह कॉल कंपनी के कॉल सेंटर सॉफ़्टवेयर से कनेक्ट होती है।
- यह सॉफ़्टवेयर आवाज़ पहचान तकनीक से ग्राहक की जरूरतों का पता लगाता है।
- फिर वह ग्राहक को सही प्रोडक्ट या ऑफर के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए एजेंट को गाइड करता है।
- एजेंट सभी जानकारी को सिस्टम में रिकॉर्ड भी करता है जिससे भविष्य में बेहतर ऑफर दिया जा सके
Outbound Calls Vs Inbound Calls in Hindi | आउटबाउंड कॉल vs इनबाउंड कॉल
भले ही Outbound and Inbound sales strategy दोनों कंपनी और ग्राहकों के बीच संवाद स्थापित करने के माध्यम हैं, लेकिन इन दोनों में कुछ मूलभूत अंतर हैं
Outbound Call
Outbound calling strategy में, कॉल सेंटर टीम ग्राहकों को सीधे कॉल करती है और उन्हें नए उत्पादों या सेवाओं के बारे में सूचित करती है, उन्हें प्रमोट करती है, और उन्हें ब्रांड के साथ संबंधित बनाए रखने का प्रयास करती है।
इसमें उदाहरण स्वरूप, यदि कोई नया smartphone लॉन्च होता है, तो उत्पाद कंपनी अपने ग्राहकों को सीधे कॉल करके उसकी विशेषताएं बता सकती है और उन्हें लॉन्च ऑफर्स के बारे में सूचित कर सकती है।
Inbound Call
Inbound calling वह call है जिसे ग्राहक स्वयं करता है और कंपनी के साथ संपर्क establish करता है। इसमें ग्राहक किसी सेवा, जानकारी, या समस्या का समाधान के लिए कॉल कर सकता है। इसमें यह मुख्य है कि ग्राहक को सही समय पर सही जवाब मिले और उनकी जरूरतों का ध्यान रखा जाए।
इसमें Inbound calling की एक strategy के अनुसार समझदारी और तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है। एक अच्छी इनबाउंड कॉलिंग strategy ग्राहक संतुष्टि और विशेषज्ञता की दिशा में मदद करती है, जिससे कंपनी अपने क्षेत्र में प्रमुख बनती है।
Things to Avoid in Outbound Calling | आउटबाउंड कॉलिंग में इन बातों का ध्यान रखें
Outbound calling में सफलता प्राप्त करने के लिए एक सच्चा पहलू है कि आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आप इन बातों को नजरअंदाज करते हैं, तो यह आपकी कॉलिंग कैम्पेन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है और आपकी ग्राहक से संबंधित छवि को भी क्षति पहुंचा सकता है। इस ब्लॉग में, हम आपको बताएंगे कि outbound calling में कौन-कौन सी बातें बचनी चाहिए।
1.अनवांछित रूप से कॉल करना
ग्राहकों की सहमति के बिना उन्हें कॉल करना आपके लिए कठिनाईयाँ बना सकता है। इससे वे आपकी कम्पनी को अस्वीकार कर सकते हैं और आपकी कॉलिंग कैम्पेन को स्पैम की तरह महसूस कर सकते हैं।
2. ग्राहक की अवांछित समीक्षा
अगर ग्राहक को अवांछित रूप से बुरी तरह से उच्चालित किया जाता है या उससे बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो यह उसके साथियों और उसके बदनाम हो सकता है, जिससे उसका रिश्ता बिगड़ सकता है।
3.ग्राहकों को बार-बार कॉल करना
अगर आप ग्राहकों को बार-बार अनचाहे कॉल करते हैं, तो यह उन्हें परेशान कर सकता है और उनके साथ संबंधों को खतरे में डाल सकता है। इससे ग्राहक आपकी कॉलिंग कैम्पेन को अस्वीकार कर सकता है और आपकी छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
NeoDove आपकी मदद कैसे कर सकता है
Neodove, outbound calling में आपकी मदद करने के लिए एक तेज और अनुकूल समाधान प्रदान करता है। इस प्लेटफ़ॉर्म की मदद से आप अपने outbound calls को आसानी से प्रबंधित कर सकते हैं, Automated calls का feature इस्तेमाल करके बल्क कॉल्स कर सकते हैं, और रियल-टाइम रिपोर्ट्स देख कर अपने कैम्पेन की प्रगति को मॉनिटर कर सकते हैं।
NeoDove आपको कस्टमाइजेबल टेम्प्लेट्स, कॉल रिकॉर्डिंग, और एनालिटिक्स भी प्रदान करता है, जो आपके एजेंट्स को एफिकेस तौर पर कम्युनिकेट करने और ग्राहकों के साथ बेहतर संबंध बनाने में मदद करते हैं। इसका CRM Integration आपके business operations को और भी सुदृढ़ बनाता है, आपको एक साथी प्रदान करते हुए, जिससे आप अपने Outbound Calling strategy को सुधार सकते हैं।
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Conclusion
निष्कर्ष रूप में, Outbound Calling ग्राहक इंगेजमेंट की एक प्रोएक्टिव strategy है जो किसी भी कंपनी के लिए लीड्स को नर्चर करने और सेल्स को ड्राइव करने के लिए बेहद ज़रूरी है। इस strategy के माध्यम से कंपनियाँ संभावित ग्राहकों तक पहुंचती हैं और सही समय पर उनकी ज़रूरतों की पहचान करती हैं। यह न केवल अधिक लीड्स और रेवेन्यू जेनरेट करने में मदद करता है, बल्कि Outbound calling कंपनियों को लगातार प्रॉस्पेक्ट्स से इंगेज होकर प्रतिस्पर्धा से आगे रहने में भी सक्षम बनाता है।
एक प्रभावी Outbound Calling strategy में टारगेटेड प्रॉस्पेक्ट सूची, कॉल सेंटर एजेंट्स को ऑब्जेक्शन हैंडलिंग की ट्रेनिंग देना, वैल्यू प्रॉपोजिशंस को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना और प्रॉस्पेक्ट की ज़रूरतों के अनुसार पिच कस्टमाइज करना शामिल है। सही Outbound Calling strategy से, कंपनियां खुद को थॉट लीडर के रूप में स्थापित कर सकती हैं, क्रेडिबिलिटी बिल्ड कर सकती हैं और ग्राहकों को अद्भुत एक्सपीरियंस प्रदान कर सकती हैं। इससे ग्राहक वफादारी में सुधार, उच्च बिक्री रूपांतरण और समय के साथ व्यवसाय की गति में तेज़ी आती है।